पुलिस के थर्ड डिग्री टॉर्चर के कारण 23 वर्षीय युवक ने की आत्महत्या...शव को घंटों तक सड़क पर रखकर किया विरोध प्रदर्शन
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| मृतक नीतीश: फ़ाइल फ़ोटो |
पलवल जिले में पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छायसा थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा की गई पिटाई से आहत 23 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली, घटना सोमवार की है। वहीं आरोपी वारदात के बाद से फरार है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार राजुपुर खादर गांव का रहने वाला नीतीश अलावलपुर सीएनजी पंप पर गैस भरवाने गया था। वापस लौटते समय रास्ते में उसकी गाड़ी छायसा थाने में तैनात पुलिसकर्मी नीरज कौशिक की गाड़ी से टच हो गई। इस बात को लेकर पुलिसकर्मी ने युवक को रोका और विवाद करने लगा। पुलिसकर्मी नीरज कौशिक युवक को थाने ले गया। वहां अपने एक साथी के साथ मिलकर नीतीश के कपड़े उतरवाकर उसकी पिटाई की।
मृतक के शरीर पर गहरे घाव मिले हैं। परिजनों का आरोप है कि थाने में युवक के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। घर लौटने के बाद नितीश ने परिजनों को पूरी घटना बताई और फिर आत्महत्या कर ली। गुस्साए परिजनों ने शव को बागपुर गांव रोड पर रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही उन्होंने धरना समाप्त किया।
चांदहट थाना पुलिस ने मृतक के पिता देवेंद्र की शिकायत पर पुलिसकर्मी सहित दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
उसके बाद उसका बेटा खेतों पर चला गया और इसी के चलते खेतों पर जाकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नीतीश की मौत से पूरे गांव और परिवार में मातम छाया हुआ है। मृतक के भाई गौरव ने बताया की उसके भाई नीतीश ने पुलिस की पिटाई से आहत होकर आत्महत्या की है। ये सरेआम पुलिस की गुंडागर्दी है।
गौरव ने कहा कि इस तरह से किसी को थाने में ले जाकर उसके साथ मारपीट की जाए, तो ये न्याय नहीं, अन्याय है। उसके भाई को थाने में ले जाकर थर्ड डिग्री दी गई है। जिस बात से आहत होकर उसके भाई ने आत्महत्या कर ली। उसके भाई मौत का कारण पुलिस की है। अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वो सडक पर जाम लगाएंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
राजपुर खादर के नीतीश और पुलिस कर्मी नीरज का आपस में सडक पर गाडी टच होने को लेकर विवाद हो गया था। जिसको लेकर इतना विवाद बढ़ गया कि नीतीश को थाने में ले जाकर मारा गया। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। जब घटना के बारे में उसके परिजनों को पता चला तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और पता चला की पुलिस की पिटाई से आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली।
इसको लेकर परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे जाम लगा रहा। उसके बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद मृतक के परिजनों ने जाम खोला।
डीएसपी अपराध मनोज वर्मा ने बताया कि छांयसा थाने में नीतीश नामक एक युवक के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट का आरोप लगा है। इस बारे में जांच की जा रहे है, जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस ने एक नीरज नामक पुलिसकर्मी और किरण नामक युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी फरार है, लेकिन जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।








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