• NTV MEDIA DESK
• BURO REPORT
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रवि पटेल ने जब अपनी 15 लाख पैकेज वाली नौकरी छोड़ी तो निश्चित ही लोगों ने उनके फैसले को गलत बताया होगा. लेकिन आज वही रवि 'सूर्योदय व्हील सॉल्यूशन' जैसे करोड़ों का टर्नओवर कमाने वाली कंपनी चला कर अपने फैसले को सही साबित कर रहे हैं.
रवि नर्मदा नदी के किनारे एक लोअर मिडिल फैमिली में पैदा हुए. वैसे तो उनके पिता सरकारी नौकरी में थे लेकिन उनकी सैलरी इतनी कम थी कि घर खर्च भी मुश्किल से निकल पाता था. उन्होंने बताया कि 2009 में 10वीं बोर्ड के एग्जाम में उनके अच्छे-खासे नंबर आए थे. उन्होंने सोचा कि वह आगे की पढ़ाई कर एयरफोर्स जॉइन करेंगे लेकिन घर के हालात ऐसे हो गए कि उन पर जल्द से जल्द जॉब करने का दबाब बन गया.
रवि ने मैकेनिकल से 3 साल का डिप्लोमा किया और उसके बाद एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करने लगे. उन्होंने तकरीबन 8 साल जॉब की. लेकिन इस दौरान उन्हें लगातार लगता रहा कि वह खुद के लिए क्या कर रहे हैं. आखिरकार 2019 में रवि ने जॉब छोड़ दी, तब उनका सैलरी पैकेज 15 लाख का था.
रवि ने अपने पूरे बिजनेस मॉडल के बारे में बताते हुए कहा कि हैवी व्हीकल्स के ज्यादा चलने के बाद उसके व्हील के डायरेक्शन चेंज हो जाते हैं. आसान शब्दों में कहा जाए तो ड्राइवर सीधे डायरेक्शन में गाड़ी को ले जाना चाहता है, लेकिन पहिए के टेढ़ा होने की वजह से वो गलत डायरेक्शन में जाता है. इससे एक्सीडेंट होने का खतरा भी रहता है और इंजन के खराब होने का डर. रवि इसी व्हील एलाइनमेंट का काम करते हैं. वाहनों के व्हील एलाइनमेंट के जरिए इसे सीधा किया जाता है जिससे गाड़ी और टायर की लाइफ बची रहे.
रवि ने जॉब छोड़कर अपने पार्टनर उदय के साथ 2020 में कोरोना महामारी के अपना ये बिजनेस शुरू किया. उस वक्त सिर्फ ट्रांसपोर्ट ही था जो चल रहा था. रवि बताते हैं कि जब उन्होंने जॉब छोड़ अपने नए काम करने के बारे में घर पर बताया तो उनके पिता ने सीधे कहा, इतनी अच्छी जॉब छोड़कर यही पहिया ठीक करने का काम करोगे. पागल हो गए हो. शादी-ब्याह भी नहीं होगा.'
रवि ने बताया कि इस बिजनेस को शुरू करना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था. दोस्तों ने भी ये कहते हुए उनके फैसले का सपोर्ट नहीं किया कि फिक्स जॉब करने से लाइफ सेटल्ड रहेगी. लेकिन रवि को इन सबसे कोई फरक नहीं पड़ा, वह अपने फैसले पर अड़े रहे. उन्होंने जब अपने एक दोस्त से बिजनेस के लिए पैसे मांगे तो दोस्त ने सीधे कह दिया कि कुछ और करने के लिए मांगते, तो दे भी देता. लेकिन इस बिजनेस के लिए कौन देगा. रवि कहते हैं कि बाद में उनके घरवालों ने उनका सपोर्ट किया.







नेशनल टीवी मीडिया पर कमेंट करने वालों का धन्यवाद, हम कोशिश करेंगे की आपकी द्वारा किए गए कमेंट पर ध्यान दे और यदि आपको खबर से संबंधित कोई समस्या है तो उसका भी समाधान करे।