• NTV MEDIA DESK
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12 मार्च को जब बोम्मन और बेल्ली (Bomman and Bellie) की कहानी को दुनिया ने सराहा. दूर विदेशी मंच पर बोम्मन और बेल्ली की कहानी पर बनी द एलिफ़ेंट विस्परर्स (The Elephant Whisperers) को ऑस्कर अवॉर्ड से नवाज़ा गया. और इधर बोम्मन वही कर रहे थे जो वो दशकों से करते आए हैं, हाथियों की खोज और देखभाल. दो अनाथ हाथी के बच्चे गुम हो गए थे और बोम्मन उन्हीं की खोज में लगे थे. देश को ऑस्कर दिलाने वाले बोम्मन और बेल्ली ने अब तक अपनी ही फ़िल्म नहीं देखी है.
54 साल के बम्मन हाथियों के बच्चों की देखभाल करने में ही व्यस्त रहते हैं. वो बोम्मन एशिया के सबसे पुराने एलिफ़ेंट कैम्प, थेप्पकाडु एलिफे़ंट कैम्प (Theppakadu Elephant Camp) में काम करते हैं. धर्मपुरी (Dharmapuri) से फ़ोन पर बात-चीत के दौरान बोम्मन ने बताया, 'मुझे अभी तक इस ऑस्कर के बारे में कुछ पता नहीं है. लेकिन मैं इतना समझता हूं कि ये बहुत ज़रूरी है क्योंकि लोग कह रहे हैं कि इससे भारत का गौरव बढ़ा है. ये हमारे लिए बहुत मायने रखता है.'
बोम्मन धर्मपुरी के जंगलों में दो हाथियों के बच्चों को ढूंढ रहे हैं. इनका ध्यान रखने वाले तीन हाथियों की पिछले हफ़्ते बिजली का झटका लगने की वजह से मौत हो गई. बोम्मन ने बताया कि 7 मार्च को गैरकानूनी इलेक्ट्रिक फ़ेंस की चपेट में आने से तीन हाथियों की मौत हो गई. बोम्मन ने बताया, 'दो हाथी के बच्चे अनाथ हो गए, उनकी मां की मौत हो गई. हम बीते रविवार को उनको ढूंढने निकेल और ऐसा लगता है कि वो घने जंगल में चले गए हैं.'
बोम्मन मुदुमलई नेशनल पार्क से बाहर सिर्फ़ हाथियों की खोज में ही जाते हैं.
तमिलनाडु वन विभाग के लिए काम करने वाले बोम्मन को उम्मीद है कि दोनों हाथी के बच्चे जल्द ही मिल जाएंगे. उन्हें लेकर वो जल्द से जल्द घर यानि थेप्पकाडु एलिफे़ंट कैम्प पहुंचना चाहते हैं. बोम्मन को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही डॉक्युमेंट्री फ़िल्म देखने का मौका मिलेगा.
अपने बच्चों की तरह रघु और अम्मू को पाला
द एलिफ़ेंट विस्परर्स की कहानी है बोम्मन, बेल्ली, रघु और अम्मू की. रघु को उसके झुंड ने छोड़ दिया था. बोम्मन और बेल्ली ने उसे अपने बच्चे की तरह पाल-पोस कर बड़ा किया. बाद में रघु को एक दूसरे महौत के पास भेज दिया गया. इस परिवार का बिछड़न बहुत भावुक था.
बोम्मन ने बताया कि उन्होंने आज तक 84 हाथी के बच्चों की देखभाल की है. बोम्मन ने बताया कि फ़िल्ममेकर्स ने उन्हें ऐसे ही फ़िल्माया. वो लोग कुछ दिन के लिए आते, उन्हें शूट करते और चले जाते.
द एलिफ़ेंट विस्परर्स को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट का ऑस्कर मिला.






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