एसवीएसयू में इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को करियर, प्लेसमेंट और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी, जल्द होंगे नए एमओयू।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के इंडस्ट्री रिलेशंस एंड एलुमनी अफेयर्स (इरा) विभाग द्वारा आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के विशेषज्ञों से सीखने और उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार, कौशल विकास और उद्योगों में उपलब्ध करियर संभावनाओं के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम में इरा विभाग की निदेशक चंचल भारद्वाज एवं स्किल फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव ने उद्योग जगत से आए विशेषज्ञों का स्वागत किया और विद्यार्थियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सिद्ध्वल रेफ्रिजरेशन इंडस्ट्रीज के सीनियर मैनेजर (एचआर) बिजॉय दास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि उनकी कंपनी रेलवे और मेट्रो के लिए एयर कंडीशनिंग सिस्टम का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए यह क्षेत्र रोजगार की अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने एसवीएसयू द्वारा स्किल गैप को कम करने के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करने की इच्छा भी व्यक्त की।
कंपनी के प्रोडक्शन हेड प्रदीप साचान ने विद्यार्थियों को उत्पादन क्षेत्र में करियर के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन सेक्टर में हमेशा विकास की संभावनाएं बनी रहती हैं और इसी कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी अधिक उपलब्ध होते हैं।
वहीं सन ऑटो ग्रुप के प्रबंध निदेशक सुधीर दुआ ने विद्यार्थियों को आधुनिक उत्पादन तकनीकों, लागत नियंत्रण और निरंतर सुधार की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी दक्षता और निरंतर सीखने की क्षमता ही सफलता की कुंजी है।
इरा विभाग की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कहा कि दोनों उद्योग समूहों के साथ विश्वविद्यालय शीघ्र ही एमओयू करेगा। इससे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्योग विशेषज्ञों से सवाल-जवाब भी किए और करियर से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कौशल विकास, तकनीकी दक्षता और प्रोफेशनल एटीट्यूड विकसित करने की सलाह दी।




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