Centre For Sight: पलवल में सेंटर फॉर साइट ने लॉन्च किया एडवांस्ड स्कैनसिस सिस्टम, लेसिक सर्जरी से पहले होगी आंखों की सटीक जांच

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  • पलवल के सेंटर फॉर साइट में एडवांस्ड स्कैनसिस सिस्टम लॉन्च, लेसिक से पहले आंखों की सटीक जांच और सुरक्षित उपचार की सुविधा मिलेगी।

आंखों के आधुनिक उपचार और बेहतर डायग्नोसिस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स ने अपने पलवल सेंटर में क्षेत्र का पहला एडवांस्ड स्कैनसिस एंटीरियर सेगमेंट एनालाइजर लॉन्च किया है। यह अत्याधुनिक तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो लेसिक या चश्मा हटाने वाली अन्य रिफ्रैक्टिव सर्जरी कराने की योजना बना रहे हैं।


नई तकनीक के माध्यम से सर्जरी से पहले आंखों की अधिक विस्तृत और सटीक जांच की जा सकेगी, जिससे मरीजों के लिए सुरक्षित और बेहतर उपचार सुनिश्चित होगा।


लेसिक से पहले आंखों की गहन जांच होगी संभव

विशेषज्ञों के अनुसार लेसिक जैसी सर्जरी से पहले यह जानना बेहद जरूरी होता है कि मरीज की आंखें इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। इसके लिए कॉर्निया यानी आंख की सामने वाली पारदर्शी परत की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।


स्कैनसिस सिस्टम कॉर्निया की मोटाई, आकार, घुमाव और सतह की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। इससे डॉक्टर मरीज की आंखों की वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और उसी के अनुसार उपचार की योजना तैयार कर सकते हैं।


केराटोकोनस जैसी समस्याओं की भी होगी शुरुआती पहचान

सेंटर फॉर साइट पलवल की कैटरेक्ट एवं एंटीरियर सेगमेंट सर्जन डॉ. दीप्ति के. गौतम ने बताया कि लेसिक से पहले विस्तृत जांच मरीज की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।


उन्होंने कहा कि स्कैनसिस तकनीक के जरिए कॉर्निया की बारीकी से जांच की जा सकती है, जिससे केराटोकोनस जैसी बीमारी की शुरुआती पहचान संभव हो जाती है। यह ऐसी स्थिति होती है जिसमें कॉर्निया धीरे-धीरे पतला और कमजोर होने लगता है।


डॉ. गौतम ने कहा कि यदि कॉर्निया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो हर मरीज के लिए लेसिक उचित विकल्प नहीं हो सकता। ऐसे में सही जांच के आधार पर ही सुरक्षित उपचार का निर्णय लिया जाता है।


मरीज की जरूरत के अनुसार होगा पर्सनलाइज्ड उपचार

सेंटर फॉर साइट पलवल की कैटरेक्ट एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. लिपि मित्तल ने बताया कि रिफ्रैक्टिव सर्जरी में सटीक डायग्नोसिस और प्लानिंग सबसे महत्वपूर्ण होती है।


उन्होंने कहा कि स्कैनसिस सिस्टम से प्राप्त विस्तृत जानकारी के आधार पर डॉक्टर मरीज की आंखों की स्थिति, उम्र, लाइफस्टाइल और विजुअल जरूरतों के अनुसार उपचार को पर्सनलाइज कर सकते हैं।


डॉ. मित्तल ने बताया कि जिन मरीजों के लिए कॉर्निया पर लेजर सर्जरी उपयुक्त नहीं होती, उनके लिए आईसीएल (Implantable Collamer Lens) जैसे वैकल्पिक विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।


पलवल और आसपास के मरीजों को मिलेगा लाभ

नई तकनीक के शुरू होने से अब पलवल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को शुरुआती जांच, काउंसलिंग, उपचार और फॉलो-अप जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।


सेंटर फॉर साइट पलवल में लेसिक और अन्य रिफ्रैक्टिव सेवाओं के अलावा कैटरेक्ट, रेटिना, ग्लूकोमा, कॉर्निया तथा आंखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों का उपचार भी किया जाता है।

देशभर में 95 सेंटर के साथ सेवाएं दे रहा है सेंटर फॉर साइट

न्यू कॉलोनी स्थित ICICI बैंक के सामने संचालित सेंटर फॉर साइट पलवल आधुनिक आई केयर सेवाएं प्रदान कर रहा है। सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के देशभर के 33 शहरों में 95 सेंटर और 350 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत हैं, जो विभिन्न नेत्र रोगों और सर्जरी सेवाओं में विशेषज्ञता रखते हैं।

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