- एसवीएसयू और इंफोसिस एथनस के समझौते से हरियाणा के 3000 विद्यार्थियों को एआई, सॉफ्ट स्किल्स और इंटरव्यू की निशुल्क ट्रेनिंग मिलेगी।
- एआई, कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स और इंटरव्यू तैयारी का मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के लिए होंगे बेहतर तैयार....
हरियाणा के युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम और तैयार बनाने की दिशा में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (SVSU) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय और इंफोसिस एथनस (Infosys Athenas) के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 3000 विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और आईटीआई के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित कर सकें और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
कुलगुरु की उपस्थिति में हुआ एमओयू
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की उपस्थिति में विश्वविद्यालय की कुलसचिव सुमन वशिष्ठ तथा इंफोसिस एथनस के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित शहारे ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इस पहल को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के पास आधुनिक तकनीकी और व्यवहारिक कौशल भी होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कम्युनिकेशन स्किल्स, सॉफ्ट स्किल्स और इंटरव्यू स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण तीन दिनों में कुल 18 घंटे का होगा और पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
विद्यार्थियों को बनाया जाएगा ‘जॉब रेडी’
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि कोई भी विद्यार्थी केवल कौशल की कमी के कारण रोजगार के अवसरों से वंचित न रह जाए। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि वे नौकरी के लिए बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई और प्रभावी संवाद कौशल हर क्षेत्र की आवश्यकता बन चुके हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण युवाओं के करियर को नई दिशा देने का कार्य करेगा।
फैकल्टी को भी मिलेगा प्रशिक्षण
समझौते के तहत केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि संबंधित शिक्षण संस्थानों की फैकल्टी को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे शिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी मिलेगी, जिसका लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचेगा।
इंफोसिस सीएसआर के तहत होगा पूरा खर्च
मूल्यांकन एवं प्रमाणन विभाग की संयुक्त निदेशक शिखा गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का पूरा खर्च इंफोसिस के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से वहन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना और उनके व्यक्तित्व एवं पेशेवर कौशल को मजबूत बनाना है। इस पहल से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा।
अधिकारियों ने जताई खुशी
कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने इंफोसिस एथनस की टीम को इस साझेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस अवसर पर इंडस्ट्री रिलेशंस एंड एलुमनी अफेयर्स विभाग की निदेशक चंचल भारद्वाज, डीन प्रोफेसर डी.वी. पाठक, कंप्यूटर साइंस विभाग की चेयरपर्सन प्रोफेसर ऊषा बतरा, प्राचार्य सतेंद्र कुमार और सचिन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस पहल को हरियाणा के युवाओं को आधुनिक कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।




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