• नशे की लत का खात्मा करने के संबंध में आमजन टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर-90508-91508 पर कर सकते हैं संपर्क
• जिला व ब्लॉक आशा कॉर्डिनेटर, आशा फैशिलेटर्स, एएनएम, पुलिस के अधिकारियों को जल्द ही दिया जाएगा प्रशिक्षण
• एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार किए गए गए लोगों का डाटा प्रयास एवं हॉक सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने के दिए निर्देश
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• NTV MEDIA DESK
• WRITTEN BY: UMANG
अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार ने कहा कि समाज को नशे की बुराई से दूर करना हमारा पहला लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बुराई के खिलाफ इस लड़ाई में सभी विभागों को साथ मिलकर कार्य करना है। इसके लिए हमें सबसे पहले नशीले पदार्थों की सप्लाई चैन को तोडऩा है। इस कार्य में पुलिस विभाग की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मंगलवार को जिला सचिवालय के सभागार में जिला से नशे को समाप्त करने के अभियान के तहत आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे की लत का खात्मा करने के संबंध में आमजन टोल फ्री नंबर हेल्पलाइन नंबर-90508-91508 पर भी संपर्क कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर को सभी स्कूलों व कॉलेजों में नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर विद्यार्थियों को जागरूक करने की दिशा में कार्य किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे ड्रग सप्लाई करने वालों की लोकेशन की पहचान की जाए। ड्रग निरीक्षक रूटिन आधार पर चैकिंग करते रहें और उसकी रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें। इसके अलावा कॉलेज, स्कूलों आदि में होने वाले धाकड कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों को नशे की लत से दूर रहने बारे जागरूक किया जाए और इन कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित भी किया जाए। जिला में नशा मुक्ति केंद्र की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होने जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी डी.पी. कुलश्रेष्ठï को पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार किए गए गए लोगों का डाटा प्रयास एवं हॉक सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति की दिशा में कार्य जमीनी स्तर पर होना चाहिए। ड्रग कंट्राल के संबंध में एएनएम, जिला व ब्लॉक आशा कॉर्डिनेटर्स, आशा फैशिलेटर्स, एमपीएचडब्ल्यू, पुलिस विभाग के अधिकारियों को जल्द ही प्रोपर ट्रेनिंग दी जाए, ताकि प्रशिक्षण लेने के उपरांत यह कड़ी अपने अंतर्गत फिल्ड स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों जैसे सभी आशा वर्करों व एएनएम को प्रशिक्षित कर सकें। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे ऐसे व्यक्तियों की तलाश करें जो पहले नशा की लत के आदि थे, लेकिन अब वह नशा पूरी तरह छोड चुके हैं, इस आधार पर उनकी सक्सेस स्टोरी से आमजन में एक अच्छा संदेश पहुंचेगा, वे भी नशा की बुराइयों से परिचित होंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग व समाज कल्याण विभाग मिलकर पूरे जिले का एक जागरूकता कार्यक्रम तय करें। इस कार्यक्रम के तहत पेंटिंग प्रतियोगिता, नाटक मंडलियों व अन्य जागरूकता कार्यक्रमों के द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसमें प्रत्येक विभाग द्वारा लगातार की जाने वाली कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज से नशे को खत्म करने के लिए यह सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है और हमें अपने बेहतर भविष्य के लिए नशे को पूरी तरह से समाप्त करना है।
डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि 1 मार्च 2023 से जिला के हरेक गांव व शहर के प्रत्येक वार्ड में आवश्यकतानुसार ग्राम प्रहरी व सहायक की नियुक्ति की जा रही है, जोकि संबंधित गांव व वार्ड से संबंधित डाटा एकत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह ग्राम प्रहरी व सहायक भी नशा मुक्ति अभियान में आशा वर्कर्स और एएनएम वर्कर्स की सहायता करेंगे।
बैठक में होडल के एसडीएम रणवीर सिंह, एसडीएम शशि वसुंधरा, डीएसपी अनिल कुमार, जिला ड्रग कंट्रोलर संदीप गहलान, चिकित्सा अधिकारी डा. अक्षित जैन, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुखवीर सिंह तंवर, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी डी.पी. कुलश्रेष्ठï सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




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