क्या गौतम अडानी की नेटवर्थ 44 अरब डॉलर से कम है..?, क्या हिंडनबर्ग की भविष्यवाणी सच है ?? नहीं तो फिर क्या है सच...??

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  • NTV MEDIA DESK  

  • BURO REPORT  

24 जनवरी को गौतम अडानी के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि अडानी ग्रुप की कंपनियों की वैल्युएशन 85 फीसदी तक अधिक है, जिसमें गिरावट आ सकती है. अब जब इस रिपोर्ट को एक महीना पूरा हो चुका है, और अभी तक अडानी ग्रुप की सभी 10 कंपनियों की मार्केट कैप में कुल 146 अरब डॉलर, यानी करीब 60 फीसदी की गिरावट आ चुकी है, तब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की सच होती दिख रही है.


क्या सच साबित हो रही है हिंडनबर्ग की भविष्यवाणी?


समूह के 3 नाम अडानी टोटल गैस, अडानी ट्रांसमिशन, और अडानी ग्रीन एनर्जी उस चेतावनी के करीब हैं. इस एक महीने में अडानी ग्रुप के तीन शेयरों ने सबसे ज्यादा गिरने का रिकॉर्ड बना दिया है. अडानी टोटल गैस के शेयरों ने गुरुवार के कारोबार में 793.25 रुपये पर 5 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया, और अब यह 24 जनवरी के 3885.45 रुपये के स्तर से 79.58% नीचे है. इस अवधि के दौरान यह शेयर एक दिन के लिए भी ऊपर नहीं गया.


बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आकड़ों पर नजर डालें तो सबसे बुरी हालत अडानी ग्रीन के शेयर नीचे लुढ़के हैं. ये स्टॉक अपने 52 हफ्ते के हाई 3048 रुपए के स्तर से अब करीबी 85 फीसदी नीचे आ चुका है. इसमें लगातार लोअर सर्किट लग रहा है. अडानी ग्रीन एनर्जी ने अपनी 5 प्रतिशत की लोअर सर्किट सीमा को 512.35 रुपये पर मारा. इस कीमत पर स्टॉक 24 जनवरी को बंद हुए 1,913.55 रुपये के मुकाबले 73.22 फीसदी नीचे है.


अडानी की नेटवर्थ भी अब तक 44 अरब डॉलर से कम हो गई है


हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद से केवल दो सत्रों में यह शेयर उच्च स्तर पर समाप्त हुआ है. यही नहीं, अहमदाबाद मुख्यालय वाली अडानी ट्रांसमिशन के शेयर भी गुरुवार के कारोबार में एक साल के निचले स्तर 749.35 पर आ गए हैं. यह शेयर 24 जनवरी को बंद हुए 2,756.15 रुपये के मुकाबले 72.81 फीसदी टूटा है. यह स्टॉक 24 जनवरी के बाद से केवल दो बार उच्च स्तर पर बंद हुआ है. अडानी की नेटवर्थ भी 44 अरब डॉलर से कम हो गई है.


नाथन एंडरसन के नेतृत्व वाली हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट का असर?


गौरतलब है कि 24 जनवरी को अडानी ट्रांसमिशन का शेयर 2762.15 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. फिर 24 जनवरी को नाथन एंडरसन के नेतृत्व वाली हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट आई, जिसमें दावा किया था कि शेयर बाजार में अडानी की लिस्टेड 7 प्रमुख कंपनियां 85 फीसदी से ज्यादा ओवरवैल्यूज हैं. इसमें शेयरों में हेर-फेर से लेकर कर्ज से जुड़े 88 सवाल उठाये गए थे. इस दावे के बाद 25 जनवरी को अडानी के शेयर में गिरावट शुरू हुई, और रुकी नहीं.


CREDIT TO: INDIATIMESHINDI 

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