भारत ने एक बार फिर दिखाया अपना बड़प्पन🇮🇳, भूकंप प्रभावित तुर्की-सीरिया के लिए भेजी 1,00,000kg राहत सामग्री ‼️

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  • NTV MEDIA DESK  

  • ब्यूरो रिपोर्ट  

भारत भूकंप प्रभावित तुर्की और सीरिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. यहां से फील्ड अस्पताल से लेकर विमानों और बचाव दल तक, हर तरह की सहायता भेजी जा रही है. इसके साथ ही तुर्की और सीरिया की मदद के लिए विशेष रूप से ‘ऑपरेशन दोस्त’ की शुरुआत हुई है.


'ऑपरेशन दोस्त' के तहत, भारत ने तुर्की को 108 टन यानि 97,000 किलोग्राम से अधिक की राहत सामग्री, दवाएं, उपकरण और कर्मियों के चार सी-17 विमान भेजे हैं. तुर्की भेजे गए विमानों में 99 चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं जो फील्ड ऑपरेशन स्थितियों में 30 बिस्तरों वाली चिकित्सा सुविधा स्थापित करेंगे.


बचाव कर्मियों के साथ-साथ चिकित्सा उपकरण हैं जिसमें एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर, ऑपरेशन-थिएटर, वाहन, एम्बुलेंस, जनरेटर आदि शामिल हैं. एनडीआरएफ के 100 से अधिक कर्मी उपकरण, वाहन और डॉग स्क्वायड के साथ तुर्की जा रहे हैं. उपकरण में हाथ और बिजली के उपकरण, प्रकाश उपकरण, एयर-लिफ्टिंग बैग, चेनसॉ, एंगल कटर, रोटरव रेस्क्यू सॉ, पीड़ित स्थान उपकरण, लाइफ डिटेक्टर आदि शामिल हैं.


मलबे और ढही हुई इमारतों के नीचे पीड़ितों का पता लगाने में सहायता के लिए डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जाएगा. भारत ने भी 6 टन यानी 5,400 किलोग्राम से अधिक राहत सामग्री के साथ सीरिया का समर्थन किया है. सीरिया को दी जाने वाली सहायता में सामान्य और सुरक्षात्मक गियर के 3 ट्रक लोड, आपातकालीन उपयोग की दवाएं, सीरिंज और ईसीजी मशीन, मॉनिटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा वस्तुओं सहित उपकरण शामिल हैं. आपूर्ति करने वाला चौथा IAF C-17 ग्लोबमास्टर बुधवार को तुर्की के अदाना में उतरा.


भूकंप के कारण हुए बड़े पैमाने पर विनाश के बाद देश को धन मुहैया कराने के लिए तुर्की ने भारत को अपनी उदारता के लिए "दोस्त" कहा है. भारत में तुर्की के राजदूत फिरत सुनेल ने नई दिल्ली को धन्यवाद दिया और कहा, "ज़रूरत में काम आने वाला ही सच्चा दोस्त होता है."


राजदूत ने कहा कि, "दोस्त" शब्द तुर्की और हिंदी भाषाओं में समान महत्व रखता है. हमारे तुर्की में एक कहावत है- "दोस्त करा गुंडे बेली ओलुर" (ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही दोस्त होता है). बहुत बहुत धन्यवाद भारत."


संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और खाड़ी देशों सहित दर्जनों देशों ने भी इस आपदा में तुर्की व सिररिया की मदद करने का संकल्प लिया है. इसके साथ ही खोजी दल व राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचनी शुरू हो गई है.


बता दें कि सोमवार को जब लोग सो रहे थे तब 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, हजारों इमारतें धराशायी हो गईं और बहुत से लोग इनके मलबे के अंदर फंस गए.


NEWS CREDIT: @indiatimeshindi

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