अगर आप भी विक्की कौशल या सारा अली खान के फैन है, और आप भी इनकी zara hatke zara bachke फ़िल्म को सिनेमा में देखने जाने वाले है तो जान ले इन बातों को...
• NTV MEDIA DESK
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जब इस फ़िल्म का ट्रेलर आया तो लगा कि ये भी शादी के बाद होने वाली परेशानियों पर फ़िल्म बनी है, लेकिन फ़िल्म के आने के बाद पता चला कि फ़िल्म काफी मजेदार है, विक्की कौशल और सारा अली खान ने इस फ़िल्म में काफी मेहनत करी है। वैसे भी विक्की कौशल और सारा अली खान अपने फैन्स का दिल जीतने में काफी माहिर है। अपने फैंस को एंटरटेन करने का तरीका इनका बेहद जबरदस्त है।
फ़िल्म की कहानी की बात करे तो,कहानी कुछ इस प्रकार है... इंसान घर बनाने के लिए क्या कुछ नहीं करता. यहां विक्की और सारा घर बनाने के लिए तलाक ले लेते हैं. सरकारी योजना में इन्हें घर चाहिए और अगर इनका तलाक हो जाएगा तो सारा को घर मिल जाएगा. क्या तलाक होता है... क्या घर मिलता है... फिर उस घऱ का क्या होता है... यह सब जानने के लिए आपको फ़िल्म का देखना बहुत जरूरी है।
वहीं, विक्की कौशल ने कपिल चावला नाम के मिडिल क्लास शादीशुदा आदमी का किरदार निभाया है और क्या कमाल का काम किया है. जिस तरह से वो चाउमीन खाता है. होटल में खाना खाने के बाद सौंफ को मुट्ठी में भरकर ले जाता है. एक ही कोल्ड ड्रिंक को शेयर करके पीता है. विक्की ने इस कैरेक्टर को इतने शानदार तरीके से निभाया है कि आपको लगता ही नहीं कि ये विक्की हैं. उनकी कॉमिक टाइमिंग जबरदस्त है. एक सिंपल से एक्सप्रेशन से भी वो हंसा देते हैं. कहानी इंदौर की है और वहां की बोली को विक्की ने बहुत जबरदस्त तरीक से पकड़ा है. इमोशनल सीन्स में भी वो खूब जमे हैं. इस रोल से विक्की ने कहीं ना कहीं अपनी रेंज को बढ़ा दिया है और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम हैं।
सारा अली खान कहीं ना कहीं मिसफिट लगी हैं. वो मिडिल क्लास लड़की लगी ही नहीं और जहां वो पंजाबी बोलने की कोशिश करती हैं वहां मामला काफी खराब हो जाता है. हां सेकेंड हाफ में वो जमी हैं क्योंकि वहां वो ना साड़ी पहनती हैं और ना पंजाबी बोलती हैं. फिल्म को सपोर्टिंग कास्ट जबरदस्त है. सारा के पापा को रोल में राकेश बेदी ने शानदार काम किया है. एक सीन में वो विक्की के साथ गाड़ी में शराब पी रहे होते हैं और ये सीन कमाल का है. इनामुल हक ने सरकारी एजेंट के रोल में जबरदस्त काम किया है. शारिब हाशमी ने दरोगा नाम के सिक्योरिटी गार्ड का किरदार निभाय है और वो कमाल के लगे हैं और उनकी एक्टिंग बहुत शानदार है. सुष्मिता मुखर्जी, नीरज सूद का काम भी काफी अच्छा है।
फ़िल्म के बारे में बात करे तो ये फिल्म फुल ऑन एंटरटेनर है. शुरू से ही ये मुद्दे पर आ जाती है और आपको बांधकर रखती है. फर्स्ट हाफ में आप खूब हंसते हैं, डायलॉग कमाल के हैं. सिंपल से लाइनों को जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है आपको हंसी आती है. सेकेंड हाफ में मामला थोड़ा इमोशनल होता है लेकिन फिर कहीं भी बोर नहीं करती और एंड तक आते आते एक मैसेज भी देती है कि फैमिली सबसे जरूरी है।




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