• NTV MEDIA DESK
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दिल्ली की तिहाड़ जेल की तरह नीमका जेल मे भी ओपन जेल होगा। यहां उम्रकैद की सजा पाने वाले वह कैदी रह सकेगे, जिनकी सजा पूरी होने में महज छह महीने से एक साल का वक्त बचा होगा। वह ओपन जेल में रहकर बाहर नौकरी भी कर सकेंगे। ओपन जेल में उन्हें एक फ्लैट मिलेगा। उसमें रहकर अपना मनपसंद खाना खुद ही बना सकेंगे।
यह व्यवस्था जेल में लंबा वक्त गुजारे वाले कैदियों को सामाजिक परिवेश से जोड़ने के लिए की जा रही है ताकि सजा पूरी करने के बाद जब वे समाज में जाएं तो ज्यादा परेशानी न हो। आराम से समाज में घुल मिल सकें। नीमका जेल में इस समय 3000 के आसपास विभिन्न मामलों में कैदी बंद हैं। इनमें से अधिकांश विचाराधीन है। जबकि 200 के आसपास सजायाफ्ता हैं।
इनमें से 30 के आसपास उम्रकैद की सजा पाने वाले कैदी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जेल में बंद कैदियों को कई तरह के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिससे जेल से छूटने के बाद वह सामाजिक परिवेश में रह सके और आपराधिक प्रवृति से दूर हो सके।
लिहाजा जेल में बंद कैदियों सुविधा के लिए जेल में ओपन जेल बनाए जाएंगे। सरकार से इसकी अनुमति मिल गई है और तैयारी भी शुरू कर दी गई है। ओपन जेल के रूप में 30 एक बीएचके के छोटे फ्लैट्स बनाने की योजना है। एक फ्लैट्स में दो कैदी रखे जाएंगे।
बाहर जाकर काम करने की मिलेगी छूट
जेल अधीक्षक जय किशन छिल्लर के अनुसार सरकार की ओर से नीमका जेल में ओपन जेल बनाने की अनुमति मिल गई है। ओपन जेल में रहने वाले कैदियों को बाहर जाकर भी काम करने की छूट होगी। वह दिन में निर्धारित ड्यूटी के समय जेल से बाहर जाकर छह से आठ घंटे की ड्यूटी कर जेल वापस आ जाएंगे।
इसके अलावा जेल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर लगाए जाने वाले प्रदर्शनी में भी वह ड्यूटी दे सकेंगे। जेल के बाहर होने वाले विकास कार्यों में भी वह हाथ बंटा सकेंगे।



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