बीटेक छात्र निशांक राठौर केस में बड़ा अपडेट, SIT चीफ ने कहा- नहीं हुई है हत्‍या!

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  निशांक राठौर , (फाइल फोटो) 



  भोपाल  

Nishank Rathore case update: एसआईटी प्रमुख अमृत मीना ने कहा क‍ि अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उससे यह तो साफ़ है कि यह हत्या का मामला नहीं है. क्योंकि मौक़े पर जो भी सबूत मिले उसमें हत्या जैसा कोई तथ्य सामने नहीं आया. हालांक‍ि हम मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं.



मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत की जांच कर रही एसआईटी ने न्यूज़ 18 इंडिया से खुलासा किया है कि छात्र निशांक राठौर की हत्या नहीं की गई है. रायसेन में मौक़ा-ए-वारदात के पास बोरदा गांव के लोगों से पूछताछ करने पहुंचे एसआईटी प्रमुख अमृत मीना से हमारे संवाददाता मनोज शर्मा ने बात की.


एसआईटी प्रमुख अमृत मीना ने बताया क‍ि वह लोगों से पूछताछ कर रहे हैं . मृतक के परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं. मोबाइल और लैपटॉप का परीक्षण हो रहा है और जांच जारी है. उन्‍होंने कहा क‍ि अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उससे यह तो साफ़ है कि यह हत्या का मामला नहीं है. क्योंकि मौक़े पर जो भी सबूत मिले उसमें हत्या जैसा कोई तथ्य सामने नहीं आया और फिर भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहे है.


नूपुर शर्मा और सर तन से जुदा कमेंट के बारे में उन्‍होंने कहा क‍ि मृतक न‍िशांक के पास से जो मोबाइल मिला है वो उसका ही है इसमें कोई संदेह नहीं है. जब उस मोबाइल का परीक्षण किया गया तो पाया गया कि घटना से पहले उसी मोबाइल से ये पोस्ट (सर तन से जुदा) हुई है. उसके पहले निशांक के मोबाइल से कभी किसी जाति या धर्म पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट नहीं की गई. एसआईटी को मामले की अभी तक की जांच के दौरान पता चला है क‍ि निशांक इस तरह की बात में दिलचस्पी नहीं रखता था. उसके परिजनों और दोस्तों के बयान से भी स्पष्ट है कि निशांक ने कभी भी किसी भी व्यक्ति जाति या धर्म के विरूद्ध कोई आपत्तिजनक पोस्ट नहीं की. ना विरोध किया ना ही समर्थन किया.


अमृत मीना ने बताया क‍ि क्रिप्टोकरेंसी और चाइनीज ऐप में पैसों के लेनदेन के बारे में निशांक के दोस्तों और परिजनों ने बयान दिये हैं. इसका परीक्षण किया जा रहा है कि उसने कितना लोन किस ऐप के ज़रिए लिया था. इस बारे में अभी और साक्ष्य जमा करने की ज़रूरत है. उन्‍होंने बताया क‍ि ये रेल पटरी के पास का बोरदा गांव है, इसलिए गांव के लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की है. निशांक के मोबाइल और लैपटॉप का विशेषज्ञ परीक्षण कर रहे है और रिपोर्ट जल्दी आ जाएगी.


क्‍या है पूरा केस

24 जुलाई की शाम को भोपाल के पास बरखेड़ा रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर 21 साल के बीटेक छात्र निशांक राठौर की लाश मिली थी. इसके बाद घटना स्थल पर स्कूटी, मोबाइल और चप्पल म‍िली थी. उसी दिन शाम को पिता के पास वॉट्सऐप पर संदिग्ध मैसेज आया था, जिसकी वजह से छात्र की मौत एक रहस्य में बदल गई थी. मैसेज में लिखा था कि ‘ग़ुस्ताख़ ए नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा’, लेकिन पुलिस ये जांच कर रही है कि मैसेज किसने भेजा था. पुलिस फोन और डाटा का फॉरेंसिक एनालिसिस करा रही है. हालांकि छात्र के पिता इसे ख़ुदकुशी मानने को राजी नहीं हैं.

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